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दस्तावेज़ित इतिहास, संस्थागत अभिलेख और समुदाय स्मृति को उनकी सही पहचान के साथ समझें।

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01

तथ्य

Government, archival या primary evidence।

02

संस्थागत अभिलेख

समाज संस्थाओं द्वारा प्रकाशित सामग्री।

03

परंपरा

सम्मानित समुदाय स्मृति, स्पष्ट label के साथ।

जीवंत ज्ञान आधार

समीक्षित अभिलेख

समुदाय परंपराlow confidence

मथुरा से बटेश्वर व बाह की ओर प्रवास (1018 ई.)

समुदाय की परंपरागत कथा के अनुसार महमूद गज़नवी के मथुरा अभियान के बाद लगभग 100 व्यापारिक परिवार यमुना के किनारे दक्षिण की ओर बटेश्वर व बाह/जरार की ओर बढ़े।

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यह कथा समुदाय की अपनी वेबसाइटों और लेखों में बार-बार मिलती है, परंतु किसी स्वतंत्र मध्यकालीन या आधुनिक शैक्षणिक स्रोत में इसकी पुष्टि नहीं मिली है। "100 परिवार, 1018 ई." के आँकड़े को स्वतंत्र रूप से स्थापित ऐतिहासिक तथ्य के बजाय समुदाय की प्रसारित पारंपरिक कथा माना जाना चाहिए।
समुदाय परंपराlow confidence

आगरा क्षेत्र से फिरोजाबाद व चंबल क्षेत्र की ओर विस्तार

समुदाय के ऐतिहासिक विवरण के अनुसार परिवार बाह/जरार से पिनाहट, इरादतनगर, शमसाबाद व फतेहाबाद होते हुए बाद में शिकोहाबाद, चंदवार, सिरसागंज व फिरोजाबाद की ओर, और आगे अंबाह, पोरसा, मुरैना (चंबल के दक्षिण) व धौलपुर, मानियाँ तक फैले।